उत्तराखंड (गोपेश्वर) 22 जून 2022: लम्बे अरसे से सिमली (कर्णप्रयाग) का महिला बेस अस्पताल सफेद हाथी की तरह मुंह चिढ़ा रहा है। सिस्टम की उदासीनता और उपेक्षापूर्ण रवैए से त्रस्त लोगों ने गुरुवार को जिलाधिकारी के समक्ष व्यवस्था की पोल खोल दी। सिमली (कर्णप्रयाग) में महिला चिकित्सकों की तैनाती सहित अस्पताल में मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाये जाने की मांग को लेकर सिमली बेस अस्पताल संघर्ष समिति ने जिला मुख्यालय में डीएम संदीप तिवारी से भेंट कर उन्हें ज्ञापन सौपा। जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने तत्काल मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अपने कार्यालय में तलब कर बेस चिकित्सालय में जरूरी संसाधन जुटाने के निर्देश दिए, साथ ही सीएमओ को स्वयं सप्ताह में दो दिन अस्पताल का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। संघर्ष समिति द्वारा इस सम्बन्ध में काफी समय से पत्राचार कर अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया जा रहा था। व्यवस्था में कोई सुधार न होता देख लोगों का धैर्य जवाब दे गया और वे जिला मुख्यालय पहुंच गए। जिलाधिकारी कार्यालय में ही शिष्टमंडल के साथ आई महिलाओं एवं सीएमओ की बीच तीखी बहस भी हुई, जिस पर डीएम ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया। इस शिष्टमंडल में सिमली बेस अस्पताल संघर्ष समिति के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह नेगी, चंद्रकला देवी, मंजू देवी, सरोजनी देवी, कविता देवी, लक्ष्मी देवी, सोनम देवी, विनीता देवी, उर्मिला देवी, चांदनी देवी, रीना देवी, राजेश्वरी देवी सहित 60 से अधिक महिलाएं शामिल थी।
