उत्तराखंड (देहरादून) 17 जून 2025: जिलाधिकारी एवं उनकी कोर टीम के प्रयासों से 14 दिव्यांग अनाथ बालिकाओं को अब उनका नया आशियाना मिल गया है। इन बच्चों को सत्य साईं आश्रम से राफेल होम संस्था में शिफ्ट किया गया है। उच्च अधिकारियों ने बालिकाओं को राफेल होम में विधिवत सेटल कराया।
सत्य साई आश्रम अपने निजी एवं आर्थिक कारणों से बंद हो रहा है तथा संस्था बच्चों को रखने में असमर्थ थी। जिला प्रशासन की सख्ताई के चलते 14 दिव्यांग बालिकाओं को बंद होने जा रही सत्य साईं आश्रम से राफेल होम संस्था में शिफ्ट कर दिया गया। इन बालिकाओं को संस्थाओं – द्वारा एडमिशन न देने पर डीएम ने उच्चस्तरीय जांच बिठाई थी। जिलाधिकारी – के संज्ञान में आते ही जिला प्रशासन ने बालिकाओं को स्थानान्तरित करने की 5 तैयारी तेज कर दी थी, जिसके फलस्वरूप आज दिव्यांग बच्चों को जिला प्रशासन के । वाहन से उनके नए आशियाने राफेल होम न संस्था तक पहुंचाया गया। संस्था द्वारा बच्चों 5, की पढ़ाई एवं भोजन की व्यवस्था वहन , की जाएगी।
जिलाधिकारी ने अपनी कोर टीम मुख्य विकास अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में जो संस्थाएं कार्य कर रही है उनको जिला प्रशासन द्वारा हर संभव सहायता की जाएगी। उन्होंने संस्थाओं से अनुरोध किया कि संस्थाएं रजिस्ट्रेशन के समय पर जो सुविधा फैसिलिटी स्टाफ दशति हैं, वह हर समय रहना चाहिए। जिला प्रशासन से जो भी सहयोग की अपेक्षा होगी, इसके लिए सदैव तत्पर है। बाल संरक्षण समिति की अध्यक्ष नमिता मंमगाईं ने बताया कि डीएम के प्रयास से जरूरतमंद बच्चों के जीवन को नई दिशा मिल रही है। इससे पूर्व समाज कल्याण विभाग में दिव्यांग कल्याण को पंजीकृत संस्थाओं की ओर से जिले की दिव्यांग बालिकाओं को सेंटर में दाखिला न दिए जाने का ताजा मामला प्रकाश में आया था। डीएम ने इस पर सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए सभी तथ्यों पर 10 बिंदुओं पर जांच करने के लिए उच्च स्तरीय समिति बिठाई थी। साथ ही समिति निर्धारित समयावधि में अपनी जांच आख्या प्रस्तुत करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संस्थाओं का पंजीकरण निरस्त कर दिया जाएगा। इस अवसर पर जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल, जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, पियो लाल, नीतू कांडपाल सहित सांई आश्रम के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
