उत्तराखंड (रुद्रप्रयाग) 10 अप्रैल 2025: केदारनाथ यात्रा के अंतिम पड़ाव गौरीकुंड में स्थित मां गौरीमाई मंदिर के कपाट बैसाखी पर्व पर 14 अप्रैल को वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ खोले जाएंगे। गौरीकुंड में मंदिर के कपाट खोलने को लेकर बदरी-केदार मंदिर समिति एवं गौरी गांव के ग्रामीणों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। द्वितीय केदार भगवान मध्यमेश्वर व तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ मंदिर के कपाट खुलने की तिथि भी बैसाखी पर तय की जाएगी।
प्रतिवर्ष बैसाखी पर्व पर केदारनाथ यात्रा के अंतिम पड़ाव स्थल गौरीकुंड में स्थित मां गौरीमाई मंदिर के कपाट खोलने की परंपरा है। इस वर्ष 14 अप्रैल को मां गौरीमाई के कपाट खोले जाएंगे। बैसाखी पर सुबह सात बजे मां गौरीमाई की डोली शीतकालीन गद्दीस्थल गौरी गांव से रवाना होगी। डोली के गौरीकुंड पहुंचने पर ब्राह्मणों व मंदिर के मुख्य पुजारी मंत्रोच्चारण के साथ विधि विधान के साथ मंदिर में पूजा अर्चना करेंगे।
