उत्तराखंड (देहरादून) 3 दिसंबर 2024: भैरव सेना संगठन की जिला कार्यकारिणी के कोर सदस्यों की बैठक में विभिन्न विषयों पर चिंतन कर उसकी रोकथाम की रूप रेखा तैयार की गयी। इस दौरान संयोजक नियुक्त किए गए।
सोमवार को तिब्बती मार्केट स्थित एक रेस्टोरेंट में जिलाध्यक्ष अमरजीत सिंह की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया।केंद्रीय अध्यक्ष संदीप खतरी ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में अवैध रूप से चल रही मांस की दुकानों को प्रतिबंधित करने की प्रक्रिया अपनाई जाए। नगर निगम क्षेत्र में बिना स्लटर हाउस के मांस काटना प्रतिबंधित है। साथ ही अधिकतर दुकानों में हलाल का मांस काटकर हिंदुओं को खिलाया जा रहा है।
गढ़वाल संभाग अध्यक्ष गणेश जोशी ने कहा कि देवभूमि की अस्मिता को तार-तारकर कुछ लोग धर्म की आड़ में उत्तराखंड की सनातन संस्कृति को बदनाम कर चुनौती देकर बैठक करते भैरव सेना के पदाधिकारी। देव डोली प्रथा के माध्यम से व्यवसाय कर रहे हैं जो की सनातन धर्म में निषेध है।
बैठक में मांस विरोध के लिए संजीव टांक को संयोजक, देवड़ोली प्रथा पर कार्यवाही के लिए गणेश जोशी को संयोजक और माणा गांव के सरस्वती मंदिर में मृतकों की मुर्ति को हटाने के लिए सरोज शाह को संयोजक नियुक्त किया गया। बैठक में राज्य आंदोलनकरी मनोज ध्यानी, ज्योति प्रसाद कंडवाल, आचार्य उपेद्र पंत, कथावाचक अनिल कृष्णा, आचार्य दीपक सेमवाल,राजकुमार, सुनीता थापा, गीता बिष्ट , संजय पंवार, चतुरानंद आदि थे।
