उत्तराखंड (देहरादून) 29 सितंबर 2024 : प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धरस्माना ने कहा कि भाजपा सरकारों ने तिवारी सरकार में बनाए गए भू-कानून को निष्प्रभावी बना दिया। जिससे 2018 से 2024 के बीच उत्तराखंड में बाहरी लोगो ने बड़े पैमाने पर भूमि खरीदी।
त्रिवेंद्र सरकार ने कृषि भूमि को भी भू-माफ़िया के हाथों खुर्द- बर्द करने के लिए देहरादून समेत कई शहरों में नगर निगमों और नगर पालिका परिषदों की सीमा विस्तार कर कृषि भूमि को निकायों में मिलाया। उन्हें भू-कानून के दायरे से बाहर- कर दिया। कहा कि 2018 से 2024 के बीच बाहरी लोगों द्वारा भूमि की खरीद पर श्वेत पत्र जारी कर यह बताना चाहिए कि कितनी भूमि खरीदी गई और उसका उपयोग उद्योग या चिकित्सा स्वास्थ्य के अलावा अन्य प्रयोजनों में किया गया है या नहीं। अगर भूमि जन उपयोगी प्रयोजनों में न आई हो तो उसे राज्य सरकार में निहित किया जाए। सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि राज्य की पहली निर्वाचित सरकार के मुख्यमंत्री एनडी.तिवारी ने 2003 में उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश एवं भूमि प्रबंधन अधिनियम 1950 की धारा 154 को संशोधित करते हुए कई प्रावधान किए थे। उन्होंने कहा कि देहरादून और उत्तराखंड राज्य को कुछ लोग जान बूझकर शहर और राज्य को सांप्रदायिक आग में झोंक रहे हैं। पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करण माहरा के राजनीतिक सलाहकार अमरजीत सिंह और प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता गिरीराज किशोर हिंदवान उपस्थित रहे।
