उत्तराखंड (देहरादून) 22 फरवरी 2026: नेशनल हाइवे अथारिटीफ आफ इंडिया (एनएचएआइ) एक अप्रैल से राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल प्लाजा पर नकद भुगतान की व्यवस्था समाप्त करने की तैयारी में है। अथारिटी के प्रस्ताव के अनुसार टोल शुल्क का संग्रह पूरी तरह डिजिटल माध्यम से किया जाएगा और भुगतान केवल फास्टैग तथा यूपीआइ के जरिए ही संभव होगा।
प्रस्ताव लागू होने पर देशभर के लगभग 1150 टोल प्लाजा पर नकद लेनदेन ‘बंद हो सकता है। एनएचएआइ का कहना है कि इलेक्ट्रानिक टोल संग्रह (ईटीसी) प्रणाली को और मजबूत करने, लेन संचालन की दक्षता बढ़ाने तथा टोल प्लाजा पर भीड़ कम करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया जा रहा है। डिजिटल भुगतान से लेन-देन में पारदर्शिता बढ़ेगी, समय की बचत होगी और लंबी कतारों की समस्या में कमी आएगी। पिछले कुछ वर्षों में फास्टैग प्रणाली के व्यापक उपयोग से टोल वसूली की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव आया है। अथारिटी के आंकड़ों के अनुसार वर्तमाने में 98 प्रतिशत से अधिक टोल लेनदेन फास्टैग के माध्यम से हो रहे हैं।
