उत्तराखंड (देहरादून) 17 अक्टूबर 2025: जिला प्रशासन की पैरवी के बाद बैंक ने बंधक रखे मकान के कागजात विधवा महिला को वापस कर दिए। बैंक उनके पति की मृत्यु के बाद भी होम लोन के पैसे वसूल रहा था।
कुल पांच लाख रुपये के लोन का समझौता 10 हजार रुपये में कर दिया गया। न्याय मिलने के बाद बृहस्पतिवार को महिला अपने परिवार के साथ जिलाधिकारी सविन बंसल का धन्यवाद करने पहुंची थी। जानकारी के अनुसार शोभा रावत पिछले महीने डीएम से मिली थीं। बताया था कि उनके पति ने आईसीआईसीआई बैंक से 17 लाख रुपये का लोन लिया था। उनका एक
दिव्यांग बेटा है और एक बेटी है जिसकी पढ़ाई चल रही है। पिछले साल उनके पति की मृत्यु हो गई। बैंक ने इंश्योरेंस कंपनी से क्लेम के रूप में 13.20 लाख रुपये लोन की धनराशि में समायोजित कर लिए।
बचे हुए पांच लाख रुपये अब भी वसूल रहा था। आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण महिला बैंक की किस्त नहीं चुका पा रही थीं। एसडीएम ने बैंक से बात की तो समझौता 10 हजार रुपये में हो गया। बैंक ने महिला के मकान के दस्तावेज लौटा दिए हैं। जिलाधिकारी ने शोभा के परिवार को राइफल फंड से भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
