34 कॉलेजों में एनएसयूआई छात्र संघ अध्यक्ष जबकि 18 कॉलेज में निर्दलीय अध्यक्ष
उत्तराखंड (देहरादून) 30 सितंबर 2025: भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के प्रदेश के छात्र संघ चुनावमें 58 छात्र संघ जीत लेने को फर्जी बताया है।
सोमवार को कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष विकास नेगी ने एबीवीपी पर सरकार व पुलिस की मदद से छात्र संघ चुनावों में धांधली व हिंसा का आरोप लगाते हुए कहा कि एबीवीपी का 58 छात्र संघ अध्यक्षों के पद जीतने का दावा निराधार है। 96 महाविद्यालय में चुनाव हुए जिसमें से चार में महाविद्यालय में चुनाव निरस्त हो गए 34 महाविद्यालय में एनएसयूआई ने अध्यक्ष पद पर परचम लहराया, जबकि 18 महाविद्यालय में निर्दलीयों के अध्यक्ष निर्वाचित हुए। यानी एबीवीपी तमाम सरकारी मदद के बावजूद 40 अध्यक्ष पद ही जीती।
नेगी ने कहा सरकार को जहां-जहां जहां डर – था वहां सरकार चुनाव न करने के लिए प्रशासन के साथ मिलकर चुनाव निरस्त करवा दिया। राजकीय महाविद्यालय गोपेश्वर, राजकीय महाविद्यालय रुद्रप्रयाग जैसे जिलों के बड़े महाविद्यालय में चुनाव को निरस्त कर दिया गया। एनएसयूआई के बैनर पर चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों को प्रशासन के दबाव में विश्वविद्यालय महाविद्यालय प्रशासन ने वोट चोरी करा कर हरवाया। छात्रसंघ चुनाव में मित्र पुलिस का सरकार के पक्ष में काम करवाती नजर आई। रुद्रपुर में गोली चलना, ऋषिकेश में एबीवीपी कार्यकर्ताओं द्वारा एनएसयूआई कार्यकर्ताओं की गाड़ियों को जलाना मारपीट करना उसके बाद पुलिस द्वारा एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई। डीबीएस महाविद्यालय में बिना किसी कारण के लाठी चार्ज करना, जिससे कि एनएसयूआई का विजय जुलूस ना निकल सके। डीएवी महाविद्यालय में पुलिस के संरक्षण में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई।
डीएवी के इतिहास में पिछले 15 सालों से विजय जलूस सर्वे चौक से आगे नहीं बढ़ता था पुलिस प्रशासन की सहमति से पुरे देहरादून शहर में विजय जलूस निकाला जो कि बेरोजगार छात्रों के धरने के आगे रॉन्ग साइड से निकला। गाड़ियों में छात्रों बाहर निकल कर गाड़ियों की छत्त पर चढ़कर हुड़दंग करते रहे यातायात के नियमों का उल्लंघन हुआ मगर किसी का चलन नहीं किया गया। विद्यार्थी परिषद ने तमाम यातायात और कानून की धज्जियां उड़ाई गई पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। एनएसयूआई की मांग है अगर इन सभी बिंदुओं पर कार्रवाई नहीं हुई तो एनएसयूआई और आंदोलन के लिए बाध्य भी होगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन एवं सरकार की होगी।
प्रेसवार्ता में राष्ट्रीय संयोजक प्रदीप बिष्ट अंकित बिष्ट मुकेश बसेड़ा, डीबीएस महाविद्यालय के नव निर्वाचित अध्यक्ष हर्ष राणा, डीएवी महाविद्यालय के नवनिर्वाचित अध्यक्ष प्रियांशु सिंह धामी, राहुल जगदीश, पुनीत, राज व हनी कुमार आदि मौजूद थे।
