उत्तराखंड (देहरादून) 24 सितंबर 2025: पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने कहा है कि पेपर लीक मामले में उन्हें भाजपा की नीयत पर ही शक है। रावत ने कहा कि पेपर लीक मामले में भाजपा के नेता विपक्ष पर भ्रम फैलाकर राजनीति करने और परीक्षा प्रणाली को बदनाम करने का आरोप लगा रहे हैं। वह भाजपाइयों के अध्यक्ष व मंत्रियों से कहना चाहते हैं कि कांग्रेस तो विपक्ष हैं, सरकार कहीं गलती करेगी या उसका सिस्टम कहीं फेल होगा तो उस पर वह सवाल उठाएगा ही।
वह मामले में मुख्यमंत्री से मिलने जा रहे हैं। रावत ने कहा कि भाजपाई खैर मनाएं, अभी पुलिस मामले में हाकम सिंह-2 तक नहीं पहुंची है। यह हजारों बच्चों के भविष्य का प्रश्न है। प्रयास किया गया है कि परीक्षा प्रणाली को फुल प्रूफ बनाया जाए, लेकिन फिर भी प्रणाली को टेंपर किया गया है, प्रणाली से गंभीर छेड़छाड़ कर परीक्षा की शुचिता पर प्रश्न चिह्न लगाया गया है इसलिये उन्हें भाजपा की नीयत पर ही शक होता है, क्योंकि केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार लाखों पद रिक्त पड़े हैं और नौजवान डिग्रियां लेकर के घूम रहे हैं।
उन्होंने कहा कि नौजवान निराशा में नशे के सौदागरों के हत्थे चढ़ रहे हैं और यह नशा भी सरकार की असफलता से इतनी सरलता से उपलब्ध हो रहा है कि कोई भी अपनी पड़ोस में इस नशे को ले सकता है! अखबारों में विशाखा हत्याकांड का विवरण आया है। इस हत्या के तार भी नशे की लत के साथ जुड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। परिवार के परिवार बर्बाद हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यदि उस पर करन महरा, यशपाल आर्य, प्रीतम सिंह और गणेश गोदियाल के नेतृत्व में सवाल नहीं उठाएंगे, विरोध प्रकट नहीं करेंगे तो फिर लोग – विपक्ष से कहेंगे कि वह कैसा विपक्ष है। विपक्षी तो अपना कर्तव्य निभा रहे हैं। लेकिन अब तो भाजपा के ही पूर्व मुख्यमंत्री समेत कई लोग भी भर्ती के मामले में न्यायिक जांच की मांग कर रहे हैं।
