राधा और अनिल रतूड़ी ने मृत्युपरांत जीवनदान की दिशा में किया संकल्प
उत्तराखंड (देहरादून) 18 सितंबर 2025: प्रदेश की पूर्व मुख्य सचिव राधा रतूड़ी और उनके पति, पूर्व पुलिस महानिदेशक अनिल रतूड़ी ने मंगलवार को देहदान, अंगदान और नेत्रदान का संकल्प लिया। यह संकल्प उन्होंने दधीचि देहदान समिति के माध्यम से किया।
रतूड़ी दंपत्ति ने कहा कि देश में प्रतिवर्ष लगभग 2.5 लाख किडनी, हृदय और लिवर प्रत्यारोपण की आवश्यकता होती है, जबकि 140 करोड़ की आबादी वाले देश में प्रतिवर्ष केवल लगभग पांच हजार ही प्रत्यारोपण होते हैं। वहीं, हर साल लगभग एक लाख आंखों की जरूरत होती है, लेकिन केवल 25 हजार प्रत्यारोपण ही हो पाते हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि अधिक से अधिक लोग इस मुहिम से जुड़ें और समाज के प्रत्येक वर्ग को देह, अंग और नेत्रदान की दिशा में आगे आना चाहिए। दीचि देहदान समिति के अध्यक्ष डा. मुकेश गोयल, कोषाध्यक्ष कृष्ण कुमार अरोड़ा और संजय गर्ग ने राधा रतूड़ी और अनिल रतूड़ी के आवास पर जाकर उनका संकल्प पत्र भरा। रतूड़ी दंपत्ति ने कहा कि समाज के सभी लोगों को प्राथमिकता के आधार पर यह संकल्प लेना चाहिए और मृत्युपरांत भी किसी की जान बचाने और समाज की सेवा करने का प्रयास करना चाहिए।
