उत्तराखंड देहरादून 26 मई 2025: कंपनी में फर्जी कर्मचारी दिखाकर अकाउंटेंट ने 32 लाख रुपए का ईपीएफ निकालकर धोखाधड़ी को अंजाम दिया। आरोपित ने कंपनी के ही नाम पर कुछ लोगों के फर्जी खाते भी खुलवाए। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।
मामले में विकास कुमार निवासी नेहरू कालोनी ने मोहित शर्मा निवासी फरीदाबाद हरियाणा के खिलाफ शिकायत दी है। विकास के अनुसार उसकी एजेंसी में जीएसटी, ईएसआई, ईपीएफ व एलटीआर का काम आरोपित द्वारा किया जाता था। बताया कि वर्ष 2018 में उसने कांवली रोड में सनराईज सिक्योरिटी प्रोपराइटर का कार्यालय खोला था। जिसका मालिक वह स्वयं था और खुद इस एजेंसी का काम देखता था। उसे इस कार्यालय के लिए एक एकाउंटेंट की आवश्यकता थी। उसने आरोपित मोहित शर्मा को नियुक्त किया। कोविड काल के दौरान प्रधानमंत्री योजना में एक स्कीम आई थी जो कि प्रोविडेन्ट फंड में कम्पनी के मालिकों द्वारा दिया जाने वाला पैसा सरकार स्वयं वहन करेगी। आरोपित ने एजेंसी में 900 कर्मचारी दर्शाये थे, परन्तु वहां पर केवल तीन कर्मचारी रखे गए थे। जुलाई 2022 में उसे ईपीएफ विभाग से नोटिस मिला कि उसकी एजेंसी के रिकार्ड में इतने ज्यादा कर्मचारी दिख रहे है। जिस पर वह ईपीएफ विभाग गया तो वहां जाकर पता चला कि 900 लोगों को आरोपित ने फर्जी तरीके से एजेंसी के रिकार्ड में नाम जोड़ रखा था। ईपीएफ कमिश्नर ने भी बताया कि 239 लोगों का ईपीएफ 32 लाख रूपए निकाल लिए गए हैं। पुलिस, जिलाधिकारी व अन्य को शिकायत देने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब कोर्ट के आदेश पर आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
